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What is Migraine | माइग्रेन क्या है? जानें माइग्रेन होने का कारण, प्रकार आसान भाषा में (health tips in Hindi-2022)

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health tips in Hindi :- अक्सर लोगों से अपने माइग्रेन (Migraine) के बारें में तो सुना ही होगा। पर क्या आप जानते हो की, माइग्रेन क्या है? यह कितने प्रकार का हो सकता है। और माइग्रेन (Migraine) होने के आम जीवन में क्या-क्या कारण हो सकते है। यदि नहीं जानते तो यह आर्टिकल आपके लिए कुछ खास हो सकता है क्यों की आज हम इस आर्टिकल में आपको माइग्रेन के बारें सभी जानकारी डिटेल्स से आपके साथ साझा करेंगे और आपको बताएगे की माइग्रेन क्या है? माइग्रेन(Migraine) कितने प्रकार का होता है। और माइग्रेन(Migraine) होने के क्या-क्या कारण हो सकते है? इसलिए सभी जानकारी को अच्छे से समझने के लिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े

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माइग्रेन क्या है? माइग्रेन के प्रकार और कारण :-

अधकपारी / माइग्रेन क्या है? [What is Migraine]

migraine Kya hota Hai :- माइग्रेन जिसे अधकपारी बीमारी भी कहते है यह एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है जो व्यक्ति के मस्तिष्क अथवा नर्व सिस्टम को सीधे तौर से प्रभावित करती है इस बीमारी से व्यक्ति के सिर में असहनीय दर्द के अलावा, घबराहट,उल्टी, नाक से पानी आना, रोशनी और आवाज में दिक्कत होने लगती है। एक बार माइग्रेन से पीड़ित होने पर व्यक्ति को यह बीमारी लंबे समय तक परेशान सकती है।

माइग्रेन के प्रकार [type of Migraine]

माइग्रेन कई प्रकार के होता है:-

मासिक धर्म माइग्रेन(menstrual migraine)

कुछ महिलाओ को मासिक धर्म आने के पहले एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी होने से सिर दर्द की समस्या आ जाती है जिससे महिला माइग्रेन का शिकार हो जाती है इस प्रकार के माइग्रेन में सिर मे दर्द लगभग  3-5 दिनों तक लगातार बना रहता है। इसलिए इसे माइग्रेन को मासिक धर्म माइग्रेन(menstrual migraine) के नाम से जाना जाता है। यह माइग्रेन केवल महिलाओ को ही होता है।

ऑक्युलर माइग्रेन(ocular migraine)

ऑक्युलर माइग्रेन(ocular migraine) का संबंध नेत्र से है जिसके होने का मुख्य कारण रेटिना या आँख के पीछे स्थित रक्त वाहिका में रक्त की कमी होता है। ऑक्युलर माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति सिर दर्द के साथ थोड़े समय के लिए दृष्टि हानि या आँख का अंधापन का एहसास करता है कभी-कभी यह माइग्रेन सिर दर्द रहित होता है। जो एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी है।

वेस्टिबुलर माइग्रेन(vestibular migraine)

वेस्टिबुलर माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति को सिर दर्द के साथ चक्कर आने समस्या होती है । जो सिर दर्द शुरू होने के कुछ समय पहले से लगभग 15-60 मिनिट तक चक्कर आने का अनुभव कर सकते है  यह एक गंभीर बीमारी है। अभी तक वेस्टिबुलर माइग्रेन होने का कोई सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है लेकिन कहा जाता है इसका मुख्य कारण आनुवंशिक हो सकता है

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हेमिप्लेजिक माइग्रेन(hemiplegic migraine-FHM)

हेमिप्लेजिक माइग्रेन को फैमिलियल हेमिप्लेजिक माइग्रेन (FHM) के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह माइग्रेन एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य हो एक साथ हो सकता है। जिसका मुख्य कारण आनुवंशिक हो सकता है। फैमिलियल हेमिप्लेजिक माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति शरीर में कमजोरी का अनुभव करता है।

एब्डोमिनल माइग्रेन(abdominal migraine)

एब्डोमिनल माइग्रेन का दर्द मुख्यत सिर में ना होकर पेट में दर्द होता है यह माइग्रेन ज्यादातर 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में ज्यादा देखा जाता है। जिसका मुख्य कारण पेट की अनियमित कार्य से जुड़ा हुआ है। एब्डोमिनल माइग्रेन होने से पीड़ित को पेट दर्द के साथ, उल्टी, मरोड़ और भूख णा लगने की समस्या का सामना करना होता है।   

एपिसोडिक माइग्रेन(episodic migraine)

एपिसोडिक माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति के सिर में बहुत तेज दर्द होता है यह माइग्रेन पुरुष और महिला दोनों को हो सकता है इस माइग्रेन में आमतौर पर सिर का दर्द 0 से 15 दिन तक लगातार बना रहता है। विषयज्ञों का कहना है की एपिसोडिक माइग्रेन में सिर में दर्द का मुख्य कारण मस्तिष्क की रक्त वाहिका के सूजन या संकुचन के कारण हो सकता है। 

क्रोनिक माइग्रेन(chronic migraine)

क्रोनिक माइग्रेन एपिसोडिक माइग्रेन का ही एक अपग्रेड रूप है लेकिन एपिसोडिक माइग्रेन की तुलना में क्रोनिक माइग्रेन में अधिक दर्द लंबे समय(15 दिनों से भी अधिक दिनों) तक होता है। विषयज्ञों का कहना है की एपिसोडिक माइग्रेन के लंबे समय से बना रहना क्रोनिक माइग्रेन का मुख्य कारण हो सकता है।

माइग्रेन होने के मुख्य कारण [Main causes of migraine] 

Migraine hone ke karan :-अभी तक माइग्रेन होने के मुख्य कारणों की सटीकता से पुष्टि तो नहीं हो पाई है। लेकिन कहा जाता है की माइग्रेन होने का मुख्य कारण मस्तिष्क की रक्तवाहिका के सूजन या संकुचन और नर्व फाइबर्स की ओर से केमिकल का स्राव करने के से माइग्रेन होने की संभावना हो सकती है। इसके अलावा और अन्य कारक भी माइग्रेन होने की संभावना को व्यक्त करते है जो नीचे बिन्दु में दिए गए है :-

  • आनुवंशिक के कारण। 
  • शारीरिक परिवर्तन के कारण। 
  • मानसिक तनाव। 
  • महिलावों में हॉर्मोनल परिवर्तन।
  • पर्याप्त मात्रा में भोजन का सेवन ना करने से। 
  • शरीर में पानी की कमी से। 
  • बहुत धीमी या तेज रोशनी में लंबे समय तक रहने से। 
  • तेज ध्वनि वाले इलाके में रहने से। 
  • ज्यादा समय तक हेड्फोन के इस्तेमाल से। 
  • जरूरत से ज्यादा या कम सोने से। 
  • अधिक मात्र में दवाइयों के सेवन से। 
  • एल्कोहल, तंबाकू, या धूम्रपान के सेवन से।
  • वातावरण में अचानक होने वाले बदलाव से। 
  • ज्यादा खुशबू वाले सेंट/डिओ के इस्तेमाल से। 
  • नींद की दवाइयों के इस्तेमाल से। 

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